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समकालीन नवगीत का विकास

वर्ष १९९७ में प्रकाशित समकालीन नवगीत का विकास डॉ. राजेश सिंह का समीक्षात्मक अध्ययन है। इसमें १३६ पृष्ठ हैं, ५ खंड हैं और मूल्य है १२५ रुपये। प्रकाशक हैं वाणी प्रकाशन, दिल्ली

इसमें पाँच खंड हैं जो क्रमश: इस प्रकार हैं-

  • १. नवगीत का  उद्भव और विकास
  • २. नवगीत की उद्भव प्रक्रिया और शंभुनाथ सिंह
  • ३. विकासकालीन नवगीत
  • ४. संघर्षकालीन नवगीत
  • ५. उत्कर्षकालीन नवगीत।
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