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नवगीत स्वरूप विश्लेषण (१९७० तक)

वर्ष २००४ में प्रकाशित नवगीत स्वरूप विश्लेषण प्रेमशंकर रघुवंशी द्वारा लिखा गया समीक्षात्मक ग्रंथ है। इसमें १८४ पृष्ठ हैं और मूल्य है २०० रुपये। प्रकाशक हैं अनुभव प्रकाशन, गाजियाबाद

इस पुस्तक में नवगीत का स्वरूप विश्लेषण १९७० तक प्रकाशित पुस्तकों के आधार पर किया गया है। इसमें ९ अध्याय  हैं जिनके शीर्षक क्रमशः इस प्रकार हैं-

  • आधुनिक हिंदी साहित्य में गीत परंपरा और नवगीत
  • नवगीत प्रेरणा स्रोत और प्रवर्तन रेखाएँ
  • कविता और गीत के उभरते द्वन्द्व
  • नवगीत की पृष्ठभूमि और प्रारम्भिक नवगीत कवि
  • नवगीत प्रवृत्तियाँ
  • नवगीत शिल्पविधान
  • अधुनातन काव्य प्रवृत्तियाँ और नवगीत
  • नवगीत के व्यक्तित्व का मूल्यांकन
  • और संक्षेप में
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